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डूंडलोद से लेकर नेपाल-भूटान तक गूंजी आवाज, टॉप है डूंडलोद पब्लिक स्कूलनेपाल के पहले निर्वाचित पूर्व उप राष्ट्रपति परमानंद झा ने कहा-भारत की शिक्षा हमेशा टॉप पर रही


डूंडलोद, 1 फरवरी। डूंडलोद पब्लिक स्कूल डूंडलोद का वार्षिकोत्सव अरूणिमा-2026 रविवार को समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल के पहले निर्वाचित उप राष्ट्रपति जस्टिस परमानंद झा थे। जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर भूटान के पूर्व केंद्रीय मंत्री लोकनाथ शर्मा तथा जापान के पूर्व एंबेसडर डॉ. बिशनुहरि नेपाल थे। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस परमानंद झा ने कहा कि भारत की शिक्षा हमेशा टॉप पर है। उन्होंने अपने पढ़ाई के दिनों को याद करते हुए कहा कि वे जब पढते थे तब नेपाल में अच्छी शिक्षा का अभाव था इसलिए वे हायर एजुकेशन के लिए भारत आते थे। लेकिन आज डूंडलोद पब्लिक स्कूल डूंडलोद का वार्षिकोत्सव देखकर लगता है कि आज भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। आज भी भारत और खासकर राजस्थान के शेखावाटी की शिक्षा टॉप पर है। उन्होंने इस मौके पर स्कूलों में विद्यार्थियों के सर्वांगिण विकास का आह्वान किया और कहा कि उन्हें खुशी है कि डूंडलोद पब्लिक स्कूल डूंडलोद, उन स्कूलों में शामिल है जो सर्वांगिण विकास की ओर ध्यान देती है। इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। स्कूल के करीब 1200 से अधिक बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर भारतीय संस्कृति को अरूणिमा – 2026 के मंच पर साकार किया। कार्यक्रम में सामाजिक समानता मंच के अध्यक्ष कृलदीप शर्मा, नवलगढ़ नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया, शिक्षाविद् महावीर हुड्डा, डूंडलोद पब्लिक स्कूल एजुकेशन आफ ग्रुप के चेयरमैन एसएस रणवां, वाइस चेयरमैन आरके रणवां, सेक्रेट्री बीएल रणवां, मेम्बर राहुल रणवां, अनिकेत रणवां, सुभाषचंद्र, सोयला स्कूल प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानप्रकाश, डूंडलोद स्कूल प्रिंसिपल धनंन्जय लाल आदि मौजूद थे। इससे पहले अतिथियों का स्कूल पहुंचने पर राजस्थानी परंपरानुसार स्वागत किया गया। वहीं विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी का भी अतिथियों ने सराहना की।

एशियन सेंच्यूरी की लीडरशिप इंडिया ले – बिशनुहरि
जापान के पूर्व एंबेसडर डॉ. बिशनुहरि नेपाल ने इस मौके पर कहा कि भारत, भूटान और नेपाल के बीच चिंतन, मनन और भोजन का वो रिश्ता है। जो सालों से अटूट रहा है। उन्होंने कहा कि अब एशियन सेंच्यूरी की आवश्यकता है। इसलिए एशिया के सभी देशों को एकजुट होना होगा। यही नहीं एशियन सेंच्यूरी की शुरूआत साउथ एशिया से होनी चाहिए। जिसकी लीडरशिप साउथ एशिया के सबसे पॉवरफुल देश इंडिया को लेनी होगी। उन्होंने कहा कि वे चाहते है कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की तर्ज पर नेपाल में भी नेपाल हिंदू विश्वविद्यालय बनें। इसके लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने नेपाल के जेनकृजी की चर्चा करते हुए कहा कि महज 27 घंटे में नेपाल के युवाओं ने सबकुछ बदल दिया। यह ताकत युवाओं में है।

क्वालीफाइड और एजुकेटेड, दोनों की आवश्यकता – शर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूटान के पूर्व केंद्रीय मंत्री लोकनाथ शर्मा ने कहा कि आज हमें ना केवल क्वालीफाइ, बल्कि क्वालीफाइड और एजुकेटेड, दोनों उपलब्धियों वाले युवाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धीरे धीरे फिलिंग्स खत्म होती जा रही है। घर में भी पिता और बेटे का प्यार पैसों से तोला जा रहा है। जो सही नहीं है। यह इसलिए हो रहा है कि हम भौतिकता और आध्यात्म में से भौतिकता को तवज्जो दे रहे है। उन्होंने कहा कि भूटान के पास धन नहीं है। लेकिन हम दिल से धनी है। शर्मा ने सभी लोगों को भूटान आने का न्यौता दिया और कहा कि भूटान में आने पर हमारे पास फाइव स्टार घर नहीं है। लेकिन दिल से स्वागत करने में हम सेवन स्टार से भी आगे है।

समय के साथ और समय से आगे पर फोकस – बीएल रणवां
कार्यक्रम में स्कूल सचिव व प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर बीएल रणवां ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से कहा कि हम समय के साथ चलते चलते समय से आगे की सोच के साथ काम कर रहे है। यही कारण है कि स्कूल ने छठी कक्षा से एआई जैसे सब्जेक्ट शामिल किए है। उन्होंने कहा कि हम डॉक्टर और इंजीनियर से आगे नहीं सोच पा रहे है। पेरेंट्स की डॉक्टरकृइंजीनियर की सलाह हम बच्चों के दिल की आवाज सुनने का मौका नहीं दे रही। जबकि असलियत में सिर्फ दो प्रतिशत बच्चे ही डॉक्टर और इंजीनियर बन पाते है। वो भी डॉक्टर इंजीनियर बनकर सिर्फ नौकरी करते है। उन्होंने सभी विकसित देशों की चर्चा करते हुए कहा कि जो भी विश्व के विकसित देश है। वो सर्विस सेक्टर से नहीं, बल्कि खुद के बिजनस से डवलप हुए है। हमें बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शेर बताते हुए कहा कि वो जो भी फैसले ले रहे है। वो खुद के साथकृसाथ हमारी ताकत से ले रहे है। देश विकसित राष्ट्रों में आगे बढ रहा है। ऐसे में युवाओं के लिए काफी मौके है। अपना योगदान देने के लिए। कार्यक्रम में उन्होंने फाइव डे वीक को लेकर भी कहा कि जो फाइव डे वीक की बात कर रहे है। उन्हें नौकरी छोड़कर घर बैठ जाना चाहिए। क्योंकि विकसित भारत के लिए हमारे पास सिर्फ 20 साल है। इन 20 सालों में हमें रातकृदिन काम करना पड़ेगा। तभी हम विकसित भारत का सपना साकार कर सकते है। इस मौके पर स्कूल सचिव रणवां ने स्कूल के संगीत शिक्षक शरीफ के इंतकाल पर शोक व्यक्त किया गया है। साथ ही कहा कि स्कूल प्रबंधन ने फैसला लिया है कि स्कूल के किसी भी सदस्य के निधन पर स्कूल में अवकाश नहीं होगा।

भूटान और नेपाल में उठी डीपीएस की ब्रांच की मांग
कार्यक्रम के दौरान भूटान और नेपाल से आए अतिथियों ने खुले मंच से डूंडलोद पब्लिक स्कूल की एककृएक ब्रांच दोनों देशों में खोलने की मांग की। अतिथियों ने कहा कि ना केवल वे खुद, बल्कि वहां की सरकारों से भी कोई मदद की आवश्यकता होगी तो हम पूरी कोशिश कर मदद दिलवाएंगे। अतिथियों ने कहा कि जिस तरह की शिक्षा अब डीपीएस डूंडलोद द्वारा दी जा रही है। उससे वे कह सकते है कि ऐसी शिक्षा ना केवल अंतरराज्यीय होनी चाहिए। बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आना चाहिए। मंच से ही जवाब देते हुए डीपीएस स्कूल के सचिव बीएल रणवां ने कहा कि वे पूरी कोशिश करेंगे कि दोनों देशों में स्कूल की ब्रांच शुरू करें।

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